Tuesday, 19 August 2025

मुस्कुराते रहना

मायूसी भागेगी धूप नही लगने दूँगा
सुबह से थोडी छांव उधारी हि सही
सांझ तक बस मुस्कुराते रहना

नादान हुँ मैं नादनियां करता हुँ
माफ करके मेरी नादानीयों पर
ठहाके लगाते रहना

मंज़िल की ओर चले है अभी तो
रोकेंगे लोग तुम्हे रुकना ना बढ़ते रहना
लोग चाहें जैसा चश्में वैसे ही
लगाते रहना


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