खंजर में जहर लगाकर मारना
कहीं मैं जिंदा ना रह जाऊं
हर शख्स को हक है मुझे मारने का
हर कातिल को ये समझा दो
कहीं मैं जिंदा ना रह जाऊं
अगर हो सका सांसों को रोक लूंगा मैं
कहीं जिंदा ना रह जाऊं
जला दो मेरे अरमानों को
हर ख्वाहिश को दफना दो
कहीं किसी आरजू के लिए
मैं जिन्दा ना रह जाऊं
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