Tuesday, 19 August 2025

जब कभी आप हमे याद आओगे

जब कभी आप हमे याद आओगे
थोडा सा तो आप भी मुस्कुराओगे
मन ही मन व्याकुल से हो जाओगे

महफिल में होगी कभी जब चर्चा
कभी खुशी के गीत गाएंगे
तन्हाई करेगी जब पागल
तो आप हमे याद आओगे

रौशन किये हैं दिये आपने
बहुत से दीप जलाए
जगमग होगा जहान जिस दिन
तो आप हमे याद आओगे

फूलों के साथ होते हैं कांटे
दिये के साथ अन्धेरा होता है
लहरों के साथ टकराके
डगमगायेगी जब कस्ती हमारी
तो आप हमे याद आओगे

जब कभी आप हमे याद आओगे
थोडा सा तो आप भी मुस्कुराओगे

ना हो सिक्वा किसी से किसी को
ऐसा मुमकिन नही
हमे भी है
आपके पंखो से उड़ेगा जब कोई
तो आप हमें याद आओगे

जब कभी आप हमे याद आओगे
थोडा सा तो आप भी मुस्कुराओगे











No comments:

Post a Comment