जिंदगी है चोटी और रास्ता है लंबा
भीड़ में हजारों की खुद को ढूंढ ले
मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले
डूबते को तिनके का सहारा
और भूखे की मुस्कुराहट है रोटी
चल उठ कोई दाना ढूंढ ले
मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले
दुनिया को कहने दो पागल
कभी कबार खुद पर हंसना भी जरूरी है
खुद से बातें करना भी जरूरी है
ढूंढ ले चल मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले
न जा यूं मायूस होकर किसी को जरूरत है तुम्हारी
लहरें हैं सागर में तो किनारा ढूंढ ले
चल मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले
करता जा तू मेहनत हर दम
न डरना आंधियों के शोर से
कभी तो बरसेगी बरकत
किसी दरख़्त की छांव ढूंढ ले
चल मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले
सवार दिया बचपन किसी का तो जी ले जिंदगी
बस बहुत हुआ रोना पोंछ के आंसू
खुशी का कोई तराना ढूंढ ले
मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले