Thursday, 21 August 2025

कहने को तो तन्हा है पर हैं नही

घिरे हैं अपने ही ताने बानों में
कहने को तो तन्हां हैं पर हैं नही

वो बातें भी किसी ओर की करते है
घिरे हैं भीड़ में अपने पर  हैं नही

रात गुजार दी मियां
थोड़ा सा और खोज लो
शायद कुछ मिल जाये वहम है

कुछ है नही

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