जीवन को महका रहे हैं
तुम ही हो वजह इन्हे चाहने की
ऐ हवा के झोंके जो मेरे
मेरे बालों को सहला रहे हैं
तुम ही हो वजह इन्हे चाहने की
ऐ बारिश की खुशबू और मिट्टी के रंग
जो मुझे भा रहे हैं
तुम ही हो वजह इन्हे चाहने की
ऐ धूप की किरणें जो मुझ पर
मेरे चेहरे पर हँसी ला रहे हैं
तुम ही हो वजह इन्हें चाहने की
ऐ रात, ऐ चाँदनी जो मेरे
मेरे ख्वाबों को सजा रहे हैं
तुम ही हो वजह इसे चाहने की
ऐ चाँद, तारे जो मेरे
रास्तों को दिखा रहे हैं
तुम ही हो वजह इन्हें चाहने की
ऐ मीठी सी मुस्कान जो मेरे
मेरे होंठों पर ठहरी है
और हटती ही नहीं
तुम ही हो वजह इसे चाहने की
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