Tuesday, 2 September 2025

4. माटी

​माटी मुझमें मैं माटी में खो जाता हूँ,
माटी मेरी मैं माटी का हो जाता हूँ।
आकार बदलता हूँ,
विचार बदलता हूँ,
मैं माटी के रंग बदलता हूँ,
मैं माटी के संग बदलता हूँ।
खुशबू लेता हूँ माटी की,
माटी को खुशबू देता हूँ,
माटी मेरी मैं माटी का हो जाता हूँ।

​कभी छुप जाता हूँ मैं माटी में,
कभी माटी से पहचान बनता हूँ,
माटी को शान बनता हूँ,
माटी को जान बनता हूँ,
माटी मेरी मैं माटी का हो जाता हूँ

कभी बारिश की बूँदें बनकर 
कभी नया बीज बनकर 
मैं अंकुरित हो जाता हूँ 
एक नया जीवन पाता हूँ
माटी मेरी और मैं माटी का हो जाता हूँ

कभी धूप की तपिश में जलकर,
कभी हवा के संग बहकर,
हर कण में समा जाता हूँ,
हर रूप में नया जीवन पाता हूँ,
माटी मेरी और मैं माटी का हो जाता हूँ।

कभी एक वृक्ष की जड़ बनकर,
कभी फलों का स्वाद बनकर,
जीवन का सार बन जाता हूँ,
माटी को हर बार पूजता हूँ,
माटी मेरी और मैं माटी का हो जाता हूँ।
हाँ, मैं इंसान हूँ माटी का,

और मेरी पहचान है माटी से,
मैं जीता हूँ माटी में,
और अंत में माटी में मिल जाता हूँ,
माटी मेरी और मैं माटी का हो जाता हूँ।

मेरी उंगलियों के पोरों में, माटी ख़्वाब बुनती है,
मैं मौन रहता हूँ, पर माटी सब कुछ सुनती है।
मैं इसे सिर्फ सानता नहीं, इसमें रूह भरता हूँ,
पुरानी जड़ों से जुड़कर, नए प्रयोग करता हूँ।
माटी मेरी, मैं माटी का हो जाता हूँ।
​कभी टेढ़े-मेढ़े कोनों में आधुनिकता तलाशता हूँ,
कभी मिट्टी के सीने पर भविष्य को तराशता हूँ।
मेरे औज़ार जब मिट्टी को सहलाते हैं,
कंक्रीट के जंगलों में भी, नए अक्स उभर आते हैं।
माटी मेरी, मैं माटी का हो जाता हूँ।
​वो जो कहते हैं कि मिट्टी पुरानी बात है,
उन्हें क्या पता, इसमें हर युग की नई शुरुआत है।
मैं अमूर्त (Abstract) को आकार देता हूँ,
मिट्टी के बिखराव को एक विचार देता हूँ।
माटी मेरी, मैं माटी का हो जाता हूँ।
​कभी इसे आग में तपाकर 'टेराकोटा' सा सख़्त करता हूँ,
कभी इसके कच्चेपन में ही अपना सारा वक़्त भरता हूँ।
मेरी प्रदर्शनी में सजी मूर्तियाँ, सिर्फ मिट्टी का ढेर नहीं,
मेरी आत्मा के टुकड़े हैं, इनमें कोई फेर नहीं।
माटी मेरी, मैं माटी का हो जाता हूँ।
​मैं कलाकार हूँ, मैं परिवर्तन का राही हूँ,
माटी की इस आधुनिक गाथा का मैं ही गवाही हूँ।
मैं रूप बदलता हूँ, मैं काल बदलता हूँ,
मैं माटी के संग, खुद को हर पल बदलता हूँ।
माटी मेरी, मैं माटी का हो जाता हूँ।

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