हाल जो मैंने पूछा था ख्यालों में चारो तरफ धुंद से छाने लगे मेरे बोल पलटकर आने लगे
रुकने को कहा मैंने कुछ देर जिसने भी दस्तक दी चले गए थे जो पंछी खाने की चाह में अब लौटकर घर आने लगे
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