फसबूक पर डालते हो जब तुम कोई पिक्चर
तो देखते हो उसका लाइक आया के नही
तुम्हारी जिंदगी में कोई ऐसा है के नही
जैसे किसी ढलान से लुढ़कती जा रही है जिंदगी
कोई ओट लगाने वाला है के नहीं
क्या है बारिश तुम्हारे लिए
ऋतुओं का आना जाना
सिरी हवा सी छुहन है के नही
सूरज की धूप से ज्यादा जलाती है तन्हाई
ऐसे में कोई साया तुम्हारे आस पास है के नही
क्या चल रहा है ज़िन्दगी मैं सभी पूछते है
जिसे बात सको वो बातें कोई है के नही
खाया पिया सोते हो चैन से
रातों में जगाने वाला कोई ख्वाब है के नही
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