अच्छी बुरी सब यादें सुहानी हो जाएंगी,
नई तस्वीरें भी अच्छी लगेंगी जब पुरानी हो जाएंगी।
जो आज चुभ रहे हैं काँटों की तरह यादों में,
वक्त की धूल पड़ते ही वो सब कहानी हो जाएंगी।
शिकवे-शिकायतें जो आज दिल पर भारी हैं,
कल वही बातें आँखों का पानी हो जाएंगी।
मुसाफिर हैं हम सब इस चलते हुए जीवन के,
हर मुश्किल राह भी कल एक निशानी हो जाएगी।
सुन लिया करो बुजुर्गों की
कल उनकी भी बातें बहुत रूहानी हो जाएंगी।
मत कर मलाल तू आज के बिखरे हुए पन्नों का,
ये अधूरी दास्तान ही कल तेरी ज़िंदगानी हो जाएगी।
अच्छी बुरी सब यादें सुहानी हो जाएंगी,
नई तस्वीरें भी अच्छी लगेंगी जब पुरानी हो जाएंगी।
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