Friday, 14 March 2025

उसूलों की लड़ाई में

पंख कुतर के पिंजरों में बिठा रखा है 
लहू लोहान होना पड़ता है 
आसमानों की लड़ाई में 

महल चौबारे ढह गए केवल खंडर रह गए  
घर पीछे रह जाते हैं उसूलों ली लड़ाई में 

किनारे पर बिठा रखा है चलने भी नही देते 
बेकसूर मारे जाते हैं बेलों की लड़ाई में 

कच्ची खाने वाले भी रोटी सेक लेते है 
सियासत के गर्म चूल्हे पर 
अक्सर भूखा रहना पड़ता है उसूलों की लड़ाई में 

ऐ वादे सारे सब झूठी बाते हैं 
बस मीठी बातें है
झूठ के जंगल में सच को
हमेशा अकेला रहना पड़ता है वज़ूदों की लड़ाई में

No comments:

Post a Comment