Monday, 8 April 2019

घर बनाने वाले कभी घरों में नही रहते

न पूछो ये कैसे हो गया
जिसने जमीन का सीना चीर कर फसल उगाई
वो ही आज खाली पेट सो गया

न पुछो कैसे ये हो गया
धागा धागा जोड़ जिसने कपडों की थान बनाई 
वो ही आज ठंड में सिकुडकर सो गया

न पूछो ये कैसे हो गया
घर बनाकर देखो एक मिस्त्री
सडक किनारे सो गया

न पूछो ये कैसे हो गया
वो वीर जिनकी सुरक्षा में
देश चैन से सो गया
उनकी भी सुरक्षा पर सवाल हो गया

न पूछो ये कैसे हो गया
बूंद बूंद से समुंदर भरते देखा
आज कैसे एक समुंदर बूंद हो गया

तुलसी राम 8,4,2019

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