न पूछो ये कैसे हो गया
जिसने जमीन का सीना चीर कर फसल उगाई
वो ही आज खाली पेट सो गया
न पुछो कैसे ये हो गया
धागा धागा जोड़ जिसने कपडों की थान बनाई
वो ही आज ठंड में सिकुडकर सो गया
न पूछो ये कैसे हो गया
घर बनाकर देखो एक मिस्त्री
सडक किनारे सो गया
न पूछो ये कैसे हो गया
वो वीर जिनकी सुरक्षा में
देश चैन से सो गया
उनकी भी सुरक्षा पर सवाल हो गया
न पूछो ये कैसे हो गया
बूंद बूंद से समुंदर भरते देखा
आज कैसे एक समुंदर बूंद हो गया
तुलसी राम 8,4,2019
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