कभी सीने से कभी माथे से कभी होटों से लगाए जाते हैं
खुश किस्मत होते हैं वो कागज़ जिन पर मोहोब्बत के पैगाम लिखे जाते हैं
कभी तकिये के नीचे कभी हाथों के पीछे कभी किताबों में छुपाए जाते है
खुश किस्मत होते हैं वो कागज़ जिन पर मोहोब्बत के पैगाम लिखे जाते हैं
कभी खून से, कभी स्याही से, कभी अश्कों से लिखे जाते हैं
खुश किस्मत होते हैं वो कागज़ जिन पर मोहोब्बत के पैगाम लिखे जाते हैं
तुलसी राम
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