प्रकृति की गोद में, यह जगह बहुत प्यारी है
हरे घने हैं पेड़ यहाँ पर पंछियों को चहचहाट न्यारी है
सुबह मैं है राग यहां की, सांझ में नागलिंगम की खुशबू भारी है
क्या होता है काम यहां पर ?
कला और कलाकारों को आगे बढ़ाने की तयारी है
भारत की कला को विश्वपटल पर लाने की बारी है
किसकी है सोच बड़ी ये ?
जिसकी कल्पना ने उड़ान मारी है
परिवार का साथ मिला और प्रभु कृपा से
डॉक्टर नरेंद्र बोरलेप्वार की महनत ने बाजी मारी है
आज दिनाक 02/03/2024 को AUM THE GLOBAL ART CENTER मुम्बई के शुभ परांगन में, और प्रकृति की गोद में पत्थर मूर्तिकला की अंतराष्ट्रीय रेजीडेंसी शिल्परंग-5 का सफलता पूर्वक भव्य समापन समारोह मनाया गया।
में धन्यवाद करना चाहता हूं डॉक्टर नरेंद्र बोरलेप्वार जिन्होने कड़ी मेहनत और लगन से इतने बड़े कार्य को जीवंत आकार दिया और खुद के सपने को पूर्ण करने की और अग्रसर हैं।
मैं साथ ही ह्रदय की गहराइयों से धन्यवाद देना चाहता हूं कला क्षेत्र के समकालीन मूर्तिकार परदीप जोगदंड का जिन्होने सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई और कार्य सफलता पूर्वक सम्पन्न हो सका।
जेजे स्कूल ऑफ आर्ट के डीन सर डॉ. विश्वनाथ साबले इस समापन समारोह के अतिथि रहे, साथ ही प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार मंदार फणसे जी और युवराज मोहिते जी समारोह के मुख्य अतिथि रहे और समापन समारोह को यादगार बनाया आपसे सम्मन पाकर मैं गोर्नवानित महसूस कर रहा हूं।
अंत में धन्यवाद GLOBAL ART CENTER की पूरी टीम का जिन्होने देर सवेरे हमारी सभी सुविधाओं का ध्यान रखा।
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