Wednesday, 14 December 2022

मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले

ढाप दे गमों को खुशी के रेत से
जिंदगी है चोटी और रास्ता है लंबा 
भीड़ में हजारों की खुद को ढूंढ ले 
मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले 

डूबते को तिनके का सहारा 
और भूखे की मुस्कुराहट है रोटी
चल उठ कोई दाना  ढूंढ ले
मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले 

दुनिया को कहने दो पागल 
कभी कबार खुद पर हंसना भी जरूरी है
खुद से बातें करना भी जरूरी है 
ढूंढ ले चल मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले 

न जा यूं मायूस होकर किसी को जरूरत है तुम्हारी
लहरें हैं सागर में तो किनारा ढूंढ ले
चल मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले 

करता जा तू मेहनत हर दम 
न डरना आंधियों के शोर से 
कभी तो बरसेगी बरकत 
किसी दरख़्त की छांव ढूंढ ले
 चल मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले 

सवार दिया बचपन किसी का तो जी ले जिंदगी
बस बहुत हुआ रोना पोंछ के आंसू
खुशी का कोई तराना ढूंढ ले 
मुस्कुराने का कोई बहाना ढूंढ ले 





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