कभी खुद को मेरी नज़र से देखना
अपनी नज़र में और ऊंचे हो जाओगे
कुरान सा पाक है प्यार मेरा
तेरा घर रब का घर
खुद हि खुदा हो जाओगे
कभी खुद को मेरी नज़र से देखना
अपनी नज़र में और ऊंचे हो जाओगे
समेट लोगे खुद को, ना बिखरोगे कभी
जमी सज्दा करेगी तुम आसमा हो जाओगे
कभी खुद को मेरी नज़र से देखना
अपनी नज़र में और ऊंचे हो जाओगे
कमजोरी नही ताकत बनकर
रहूँगा हमेशा तुम्हारे साथ
कभी खुद को तन्हा ना पाओगे
कभी खुद को मेरी नज़र से देखना
अपनी नज़र में और ऊंचे हो जाओगे
नही होगा तुम सा कोई
दुनिया में सबसे हसी हो जाओगे
कभी खुद को मेरी नज़र से देखना
अपनी नज़र में और ऊंचे हो जाओगे
हर अश्क कीमती है कोहिनूर से ज्यादा
इन्हे कभी जाया न करना
तुम खुद जहां हो जाओगे
कभी खुद को मेरी नज़र से देखना
अपनी नज़र में और ऊंचे हो जाओगे
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